वायदा करो।

आज वादा करो इक इरादा करोसंग जीने का मरने का वादा करो। हाथ मे हाथ तेरा रहे इस कदरचांद की चांदनी सा हो रिश्ता मगर,दिल मे दीपक वफ़ा का जलाएंगे हमजिन्दगी में चलेगे मिलाकर कदम ।गर ख़ता कोई हो माफ करने का ,तुम हमसे वायदा करो। इक इरादा करो। जिस्म से जिस्म का इश्क होताContinue reading “वायदा करो।”

दिल की बात.

हमारी याद से बढ़कर कोई अपना नहीं लगता। सहारा जिसको माना था डुबाया है उसी ने यूं। मेरे राही मेरे हमदम जरा सा याद करलो तुम। तेरे बिन दिल नहीं लगता बताऊँ क्या , तुम्हें कैसे। नहीं आऊँगा मिलने को ये तुम याद रख लेना। मगर तुम्हारी यादों को मै हमेशा याद रखूंगा । भुलानाContinue reading “दिल की बात.”

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