Dil ki bat(27).

ये दुनिया सुख दुख का सागर है,यहाँ कब क्या हो किसको पता है,सम्हलकर चलना जीवन की राहों में,मुसीबत का एक कांटा भी दिल चिर देता है।भरोषा जल्दी करने वालो को,ज्यादातर धोखे सहना पड़ता है।जिंदगी का हर पल ,यहाँ कुछ न कुछ सिखाकर ही जाता हैखुशिया न सही तो ,तजुर्बे तो देकर ही जाता है।बद सेContinue reading “Dil ki bat(27).”

Create your website with WordPress.com
Get started