जीवन:-एक क्रिकेट खेल

मेरे प्रिय पाठकों,

यहाँ पर जीवन को क्रिकेट के खेल के माध्यम से वर्णित किया गया है। कि जिस प्रकार से हम अपने जीवन मे संघर्ष करते हैं और किस प्रकार से हम बाधाओं का सामना करते हैं उसको यहाँ पर एक कविता के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है।

जीवन खेल मेल

रन-रन बनाने की लगी होड़,

जिंदगी एक है क्रिकेट खेल।

रन बनाने के चक्कर मे,
एक दूसरे के टक्कर में,
रन दौड़े हम बारम्बार,
मिले असफलता हमको यार,
मंजिल पाने को है अजब रेल,
बैठे जिसमे हम ठेल पेल ।1 जिंदगी…..

जब हम उतरे थे बैटिंग में यार,
बना दबाव हमें बालों को मार,
कुछ बालें तो तेजी से सीधे आती,
पर कुछ ऐसी बाल जो चकमा दे जाती,
पर हमको था डर यार विकेट का,
पहली बार खेल रहे थे खेल क्रिकेट का,
बहुत कराया हमने बल्ले बाल का मेल ।।2जिंदगी….

हमने तो देखा था सपनों को,
की सफलता का ताज मिले हमको,
जगह-जगह पर खतरे खड़े,
जिंदगी वाली बाल को ऐसे ताड़े,
यदि अच्छी बाल मेरे पास पड़े,
तो हम बल्ले से जाते हैं जड़े,
न जाने हमको मिला हेड या फिर टेल ।1जिंदगी…..

रन -रन के चक्कर मे पड़कर हम,
तभी कभी खो देते अपना रहम,
बाल आके कर जाती है बेरहम,
कोई न मिला कि लगाये मरहम,
तभी कभी खेल से हताश होते हम,
अगर खेल में फेल हुए हम,
तभी यारो हम दोष देते हैं करम,
हताश जिंदगी में मोड़ से होता मेल ।।2 जिंदगी….

जब बैटिंग में हम डटे रहे,
अपने पग में हम बढ़े रहे,
यार पार्टनर धोखा दे दिया,
मेरे साथ किसी नाइंसाफी किया,
रन आउट होते हैं अगर,
सोंचते हैं न्यू डगर,
यारा जब हम बन्द हुए इच्छा जेल ।1जिंदगी…..

बैटिंग में अगर हम क्लीन बोल्ड,
हो जाते यारा बिल्कुल कोल्ड,
मन मे सिर्फ एक ही अभिलाषा थी,
छक्के या फिर चौके की आशा थी,
ताना हमने बाल को आसमां की चोटी,
कैच हुआ है यार भाग्य है यूं खोटी,
इतनी मेहनत करने में भी हुआ फेल ।।2जिंदगी……

हर बार इंट्री लेते हैं क्रिकेट की,
खेलूँगा इस बार मैं राइट-राइट,
सोचा था कि मैं भी आऊंगा लाइट में,
खोया रहा मैं मेरी बाल की फाइट में,
आसमान को छूने को चली थी काइट,
पर फेल की मिली है ब्लैक नाइट ,
हर बार असफलता के ताज से हुआ मेल ।1जिंदगी…..

अगर कभी भी कोशिशें कामयाब होती,
लग रहा था मिल रही है सफल मोती,
बड़ी कोशिशों के बाद खुशी कर पाया मन,
जिंदगी में कभी- कभार बनाया सही रन,
मैं क्रिकेट स्टार तो नहीं सफल सम्राट,
सोच रहा कि मै चमकू जैसी अशोक लाट,
मजबूरन मुझे लेना होगा यूँ सन्यास,
पूर्ण कुछ अपूर्ण यार जिंदगी की है आश,
छूट चुकी है यार मेरी जीवन रेल ।।2जिंदगी…..

Published by Sngms

Atarra Banda Uttar pradesh India

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